सरकारी स्कूलों में बढ़ेंगी सीटें, कारण-मोटी फीस न दे पाने की वजह से प्राइवेट स्कूल से बच्चों को खुद ही निकाल रहे पेरेंट्स

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(नीना शर्मा)कोरोना के कारण बहुत सारे लोगों की नौकरी और सैलरी पर आंच आई। आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो कुछ लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से खुद ही निकाल रहे हैं। मोटी फीस न दे पाने की वजह से कुछ पेरेंट्स बच्चों का दाखिला अब सरकारी स्कूल में करवाना चाहते हैं। इसलिए एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सरकारी स्कूलों में पहली से नौवीं क्लास तक सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। कौन से स्कूल में कितनी सीटें बढ़ेंगी, यह डिमांड पर आधारित होगा।स्कूल प्रिंसिपल्स से यह डाटा मंगवाया जा रहा है कि उनके पास कितने आवदेन आ रहे हैं। इसके बाद ही बताया जाएगा कि कहां कितनी सीटें बढ़ाई जाएंगी। एजुकेशन डिपार्टमेंट के निर्देशों पर अब सरकारी स्कूलों में 50 प्रतिशत स्टाफ ने आना शुरू कर दिया है, इसलिए अब स्कूलों में एडमिशन प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। डिपार्टमेंट ने स्कूल प्रिंसिपल्स काे इस हफ्ते में डिटेल भेजने काे कहा है। बताना होगा कि किस क्लास में कितने स्टूडेंट्स हैं, कितने स्टूडेंट्स ने किस-किस क्लास में एडमिशन के लिए अप्लाई किया हैस्कूल के गेट पर जाकर एप्लीकेशन देंअगर कोई पेरेंट अपने पास के सरकारी स्कूल में बच्चे का दाखिला करवाना चाहता है तो स्कूल में गेट पर ही एक एप्लीकेशन देनी होगी। इसमें बच्चे की डिटेल, कौन सी क्लास में एडमिशन लेना है, एड्रेस और कॉन्टैक्ट नंबर देना होगा। इसके बाद टीचर खुद फोन कर पेरेंट्स से बात करेंगे। इसके बाद दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी।रिक्वायरमेंट के मुताबिक सीटें बढ़ेंगीस्कूलों में दाखिले शुरू हाे चुके हैं। काेविड-19 काे देखते हुए स्कूल के मेन गेट पर ही आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रिंसिपल्स काे कह दिया गया है कि किसी भी स्टूडेंट काे एडमिशन के लिए मना न करें। हर स्टूडेंट काे दाखिला दिया जाएगा। रिक्वायरमेंट के अनुसार ही स्कूलों में सीटें बढ़ाई जाएंगी। अलका मेहता, डीईओ, एजुकेशन डिपार्टमेंट Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

सेक्टर-10 गवर्नमेंट स्कूल।

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