भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़ पाक ने खुद के पैरो पे मारी कुल्हाड़ी

Netvani Beauro  :  मोदी सरकार के जम्मू और कश्मीर को आर्टिकल 370 के तहत दी गईं विशेष सुविधाएं खत्म करने के बाद 10 अगस्त को पाकिस्तान ने भारत के साथ सारे कारोबारी रिश्ते तोड़ लिए . इससे भारत की सेहत पर खास फर्क नहीं पड़ेगा, भले पड़ोसी मुल्क को $2.06 अरब को एक्सपोर्ट के साथ उसका एक अरब डॉलर से ज्यादा का ट्रेड बैलेंस है .

वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के विदेश व्यापार में पाकिस्तान का हिस्सा एक फीसदी के दसवें हिस्से के बराबर था और पाकिस्तान के इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक वह भारत का 48वां सबसे बड़ा कारोबारी साझीदार है, जबकि भारत उसका छठा सबसे बड़ा इंपोर्टर है .

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ हुई ट्रांजिट ट्रीटी के तहत भारत में बने या वहां से आनेवाले सामान पर भी रोक लगा दी है . भारत ने इस साल 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान का MFN का दर्जा वापस ले लिया था और उसके इंपोर्ट पर 200% की ड्यूटी लगा दी थी .

भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग 138 वस्तुओं का आयात निर्यात होता है और इसके लिए ज्यादातर दो मार्गों का इस्तेमाल होता रहा है . अटारी बॉर्डर के जरिए लगभग 50-60 ट्रक गुजरा करते थे जबकि दूसरा मुंबई से कराची का समुद्री रास्ता है . जहां तक सूखे मेवों की बात है तो पाकिस्तान के रास्ते आने वाला अफगानिस्तान का माल का आना भी अब रुक गया है . इसलिए वहां से ड्राई फ्रूट्स का इंपोर्ट अब दुबई के रास्ते हो सकता है . सूखे मेवे को हवाई जहाज से मंगाया जा सकता है, लेकिन उससे लागत में खासी बढ़ोतरी होगी .

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