कितना ताकतवर है राफेल पाकिस्तान के F-16 से…

राफेल आ रहा है। 8 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन भारतीय वायुसेना दिवस है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस में हैं। भारतीय रक्षा मंत्री राफेल में उड़ान भरेंगे। जिसके बाद इसे वायुसेना को सौंप दिया जाएगा। जानकारी के लिए आपको बता दूं कि भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले राफेल में पाकिस्तान के एफ-16 से ज्यादा आधुनिक तकनीक है लेकिन यह जानना जरुरी है कि पाक के एफ-16 से कितना बेहतर और ताकतवर है भारत का राफेल।

  1. रडार से बचने के मामले में राफेल एफ-16 से कहीं ज्यादा बेहतर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राफेल को इस मामले में 10 में से 9 रेटिंग मिली है, जबकि एफ-16 को 10 में ले 7.8 रेटिंग ही मिली है।
  2. दोनों लड़ाकू विमान हैं, यानी हथियारों से लैस हैं। लेकिन किसके पास ज्यादा आधुनिक और ताकतवर हथियार हैं? अंतरराष्ट्रीय रेटिंग के अनुसार देखा जाए, तो राफेल यहां भी एफ-16 से आगे है। राफेल को 10 में से 8.6 रेटिंग दी गई है, जबकि एफ-16 को 10 में से 7.9 रेटिंग मिली है।
  3. राफेल करीब 60 हजार फीट प्रति मिनट की दर से ऊंचाई चढ़ सकता है। जबकि एफ-16 के ऊंचाई पर जाने का दर करीब 50 हजार फीट प्रति मिनट है। वहीं अगर गति की बात की जाए, तो राफेल करीब 2,223 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। जबकि एफ-16 की गति करीब 2,414 किमी प्रति घंटा है।
  4. आकार और ताकत के मामले में राफेल, एफ-16 से बेहतर है। राफेल के डैनों की लंबाई 10.90 मीटर, जबकि एफ-16 की 9.96 मीटर है। राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और एफ-16 की 15.06 मीटर है। राफेल का कुल वजन 10 टन है, यह करीब 24.5 टन वजन के हथियार लेकर उड़ सकता है। वहीं, पाकिस्तान के एफ-16 का वजन 9.2 टन है। इसकी हथियार लेकर उड़ने की क्षमता महज 21.7 टन है।
  5. भारत का राफेल आधुनिक जेनरेशन का है। यह 4.5 जेनरेशन लड़ाकू विमान है। जबकि एफ-16 चौथी जेनरेशन का है। राफेल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम सेमी-स्टेल्थ लड़ाकू विमान है। पाकिस्तान के एफ-16 में यह सुविधा नहीं है।
दोनों विमानों की अपनी-अपनी क्षमता है। विमान की ताकत इसे उड़ाने वाले फाइटर पायलट पर भी निर्भर करती है। भारतीयर वायुसेना के फाइटर पायलय अभिनंदन इसका ताजा उदाहरण हैं। जब उन्होंने पुरानी तकनीक वाले मिग-21 लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के आधुनिक एफ-16 को मार गिराया था।
हाल में वायुसेना प्रमुख ने कहा था कि राफेल आने से वायुसेना की ताकत काफी बढ़ जाएगी। क्योंकि हमारे पास पहले से सुखोई-30 एमकेआई (Sukhoi-30 MKI) मौजूद है।

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