इस बिटिया को बाजार ने भी सलाम किया…

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कौन कहता है कि मेहनत को आज के दौर में नहीं पुछा जाता। महज एक महीने में गोल्डन गर्ल हिमा को बाजार ने सलामी ठोकी। हिमा का एंडोर्समेंट फीस दोगुनी हो गई।  हिमा का एक्सक्लूसिव तौर पर प्रतिनिधित्व करने वाली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फर्म आईओएस के अनुसार ‘पिछले तीन हफ्तों में लगातार शानदार प्रदर्शन करने की वजह से हिमा की ब्रैंड वैल्यू दोगुनी हो गई है। ब्रैंड एंडोर्समेंट का सीधा जुड़ाव प्रदर्शन और सेलिब्रिटी के नजर आने से जुड़ा होता है। आज हिमा की चर्चा दुनियाभर में सभी प्लेटफॉर्म पर चर्चा हो रही है।’

असम की 18 वर्षीय तेज धावक फीस एक ब्रैंड के लिए सालाना 30-35 लाख रुपये थी, जो अब 60 लाख रुपये सालाना पहुंच गई है।  आईओएस अब हिमा के लिए वॉच ब्रैंड, टायर, एनर्जी ड्रिंक ब्रैंड, कुकिंग ऑयल और फूड जैसी कैटेगरी के ब्रैंड से नई डील के लिए बात कर रहा है। फिलहाल, हिमा के मौजूदा एंडोर्समेंट में एडिडास स्पोर्ट्सवियर, एसबीआई, इडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉर्थ-ईस्ट की सीमेंट ब्रैंड स्टार सीमेंट शामिल हैं।

  इंडस्ट्री पर नजर रखने वाले और टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों का कहना है कि भारत में किसी अन्य खेल के मुकाबले क्रिकेट खिलाड़ियों की फीस काफी ज्यादा है। हालांकि, अब अन्य खेलों के खिलाड़ियों के लिए स्थिति तेजी से बदल रही है। हिमा भारत में किसी स्पोर्ट्स ऐथलीट की ब्रैंड वैल्यू में सबसे तेज बढ़ोतरी है।

बाजार के जानकार बतातें हैं कि ‘ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर हिमा की हालिया सफलताएं असाधारण हैं। वह अगले साल होने वाले ओलिंपिक में और भी ज्यादा सफलता के लिए तैयार हैं। क्रिकेट के अलावा दूसरे खेल के खिलाड़ियों को भी क्रिकेटरों की तरह सम्मान और स्पॉन्सरशिप मिलनी चाहिए।’ महेंद्र सिंह धोनी इसके एक उदाहरण हैं। अपनी कप्तानी में 2007 और 2011 में वर्ल्ड कप जिताने वाले धोनी एक साल के एंडोर्समेंट के अमूमन 5-8 करोड़ रुपये लेते हैं।

जानकारी बतलाती है कि ‘चार शीर्ष क्रिकेटरों को छोड़कर ब्रैंड्स बड़े पैमाने नॉन-क्रिकेट स्पोर्ट्स को नोटिस कर रहे हैं। उन्हें अच्छी कीमत मिलती है और वे ब्रैंड्स को उनके इनवेस्टमेंट पर अच्छा रिटर्न देते हैं।’ सनसनीखेज धावक के रूप में उभरी हिमा को ‘धींग एक्सप्रेस’ भी कहा जाता है। उन्होंने शनिवार को चेक गणराज्य की नोव मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में सीजन-बेस्ट 52.09 सेकेंड के साथ अपना पांचवां स्वर्ण जीता। इसके बाद टाबर ऐथलेटिक्स मीट में 200 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।

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