उच्‍च तकनीक से लैस सेनाएं हमेशा बेहतर प्रदर्शन करती हैं और मानवता के भाग्‍य को तय करती हैं।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अनुसंधान और मिसाइल विकास के कार्यक्रम में डॉक्‍टर ए पी जे अब्‍दुल कलाम के योगदान ने भारत को उन देशों की सूची में ला खड़ा किया है जो अपनी घरेलू क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं। नई दिल्‍ली में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ के निदेशकों के सम्‍मेलन में श्री सिंह ने कहा कि डीआरडीओ ने नई तकनीक का इस्‍तेमाल करके देश को सशक्‍त बनाया है। उन्‍होंने कहा कि विभिन्‍न बाधाओं, सीमित घरेलू क्षमताओं और समय की कमी के बावजूद इस संगठन ने देश की सेनाओं के लिए जरूरी प्रणालियां, उत्‍पाद और तकनीकों को विकसित किया है।

राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इस अवसर पर कहा कि नवीनतम तकनीकों से भारत और अधिक सुरक्षित हुआ है। उन्‍होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को आवश्‍यकता के अनुसार रक्षा सेवाओं और गुप्‍तचर सेवाओं के लिए अपनाया जाना चाहिए, जिससे हम अपने शत्रुओं से बेहतर स्थिति में आ सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि उच्‍च तकनीक से लैस सेनाएं हमेशा बेहतर प्रदर्शन करती हैं और मानवता के भाग्‍य को तय करती हैं।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सेनाओं की आवश्‍यकता के अनुसार देश में विकसित संसाधन उपलब्‍ध कराने के लिए डीआरडीओ की सराहना की। उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि अगले युद्ध में देश घरेलू शस्‍त्र प्रणाली और उपकरणों का इस्‍तेमाल करके विजय प्राप्‍त करेगा। उन्‍होंने भविष्‍य के युद्ध को नजर में रखकर साइबर स्‍पेस, लेज़र, इलैक्‍ट्रॉनिक और रोबोटिक तकनीकों के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने की जरूरत बताई।

नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने विश्‍व के उन्‍नत रक्षा संस्‍थानों के अनुरूप नई तकनीक विकसित करने पर बल दिया। रक्षामंत्री ने वैज्ञानिक चुनौतियों को हल करने के लिए युवा प्रतिभाओं और उपक्रमों को कलाम डेयर टु ड्रीम पुरस्‍कार प्रदान किए।

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