5000 सालों का अत्याचार एक झूठ

एक और झूठ का भंडाफोड़

आर्यों और दलितों के मैक्स मुलर थ्योरी के परती विचार प्रकट करती मेरे निजी विचार |

दीपक पांडेय: हिटलर का सिद्धांत एक झूठ को सौ बार बोलो वो सच लगने लगेगा इसका सर्वोत्तम उद्धरण है 5000 सालों के अत्याचार का झूठ. अफ़सोस आज के पढ़े लिखे युवा भी इन बातों में सच्चाई ढूंढ़ते फिरते है |

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिटलर ने मैक्स मुलर नमक विद्वान द्वारा एक कहानी बनवायी जिसका मूल कारण था जर्मनी के लोगों को ताकतवर और महान बताकर युद्ध के लिए तैयार करना, इसके लिए अलग अलग देशों की सभ्यताओं पर शोध किया गया और भारत की सभय्ता उसमे सबसे महान साबित हो रही थी इसके लिए एक कहानी भी बनानी थी , जिससे लोगों में जन भावना और देश भक्ति बढे और यहीं से शुरू होती है कहानी आर्य और दलित की | हिटलर की नाज़ी पार्टी के स्वास्तिक का निशान भी इसी बात से प्रभावित था |

मैक्स मुलर ने सिद्धांत दिया की जो लोग गोरे हैं वो आर्य हुए पश्चिम से आये हैं और महान लड़ाके हैं और जो काले हैं वो दलित वही मूलवासी हैं जिन्हे आर्यों ने ग़ुलाम बनाया लिया |आज दक्षिण भारत के ज्यादातर वर्ग इसी बात से प्रभावित नज़र आते हैं |

आगे चलकर इसका इस्तेमाल अंग्रेजों ने कन्वर्जन को बढ़ावा देने के लिए किया और आज के नेता अपनी राजनीती चमकाने और जेब भरने के लिए कर रहे | कुछ सेक्युलर ने इससे एक कदम आगे बढ़कर महिषासुर को दलितों के राजा तक बता दिया और माँ दुर्गा को आर्यों की बेटी | नतीजा ये है की पश्चिम बंगाल के कुछ ज़िलों में दुर्गा पूजा क़ो इसी नाम पर बंद कर दिया गया |

रामायण और महाभारत लिखने वाले दोनों ही महान ऋषि शूद्र थे लेकिन उन्होंने कहीं भी किसी अत्याचार का जिक्र नहीं किया. अब देखें मजेदार बात.

1) बौद्ध धर्म की प्रमुख किताब मनुस्मृति से ली गयी है सिर्फ भाषा बदला दिया गया | लेकिन आज कई लोग बिना मनुस्मृति पढ़े और जाने ही उसे गलियां देते मिल जायेंगे. जबकि अपने समय में कुल 14 मनु हुए जिन्होंने किताब में उस वक़्त की सामाजिक रचना की रूप रेखा का वर्णन किया है |
2) लगभग 3000 साल पहले मौर्य राजवंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त स्वयं शूद्र थे और सम्राट अशोक के बौद्ध धर्म अपनाने पर उसकी पूरी सेना भारतबर्ष में इस धर्म को फ़ैलाने निकल पड़ी हालत ऐसे की सारे प्रमुख मंदिरो की मूर्तियों को छुपाना पड़ा. सनातन धर्म अपने अंतकाल में पहुँच गयी जिसे दुबारा पुष्यमित्र संगु और शंकराचार्य ने स्थापित किया |
3) 800 साल मुग़लों ने शासन किया
4) 200 साल अंग्रेज़ों ने शासन किया
5) 1768 में अंग्रजों के एक सर्वे में ये बात सामने आयी की उस वक़्त भारत में साक्षरता दर 97% थी |
6) भीम राव आंबेडकर को नाम देने से लेकर , उन्हें पढ़ाने वाले, उन्हें विदेश में शिक्षा दिलवाने वाले , भारत वापस आने पर उन्हें नौकरी देने वाले और उनकी दूसरी पत्नी स्वयं ब्राहण और क्षत्रिये थे |

फिर ये कौन से ब्राह्मण और क्षत्रिए थे, कहाँ से आये थे जो शूद्रों पर अत्त्याचार कर रहे थे, उन्हें पढ़ने नहीं दे रहे थे |

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