होमशॉप 18 पर 150-200 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

Sunil Misra  New Delhi  :- होमशॉप 18 वेंडर्स एसोसिएशन ने 27 सितंबर, शुक्रवार को नई दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीवी शॉपिंग मार्केटप्लेस होमशॉप 18 पर 150-200 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। एसोसिएशन का दावा है कि जब कंपनी नेटवर्क 18 ग्रुप का हिस्सा थी। उसी समय करोड़ों की राशि विक्रेताओं के नाम पर उपभोक्ताओं से इकट्ठी की गई थी ।
वेंडर एसोसिएशन ने कहा कि धोखाधड़ी के पीछे ताकतवर और प्रभावशाली लोगों का हाथ होने से पुलिस, प्रशासन, मंत्रालय और दूसरी सरकारी एजेंसियां कोई कारवाई नहीं कर रही है। धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने की तमाम कोशिशों के बावजूद नोएडा पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने और जांच-पड़ताल से साफ इनकार कर दिया।
वेंडर एसोसिएशन ने रिजर्व बैंक का जवाब पेश करते हुए कहा है क़ि यह अपराध दंडनीय है। एसोसिएशन ने साथ ही होमशॉप 18 के खिलाफ दस्तावेजी सबूत भी पेश किया और होमशॉप 18 की वेंडर्स एसोसिएशन 1500 से ज्यादा परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रही है, जिनसे उनकी गाढ़ी मेहनत की कमाई धोखाधड़ी से छीन ली गई और उन्हें गरीबी और उधार के दलदल में धकेल दिया गया। 7 जून को होमशॉप 18 के सैकड़ों वेंडर्स को उस समय झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि होमशॉप 18 को बेहद छोटी रियल एस्टेट की कंपनी स्काईब्लू बिल्डवेल ने टेकओवर कर लिया है। स्काईब्लू बिल्डवेल की टीवी 18 होम शॉपिंग में 82.64 फीसदी की हिस्सेदारी थी। स्काईब्लू बिल्डवेल कि पहले कोई हिस्सेदारी नहीं थी ,लेकिन 7 जून से हो गई । होमशॉप 18 को 2008 में लॉन्च किया गया था। 2014 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नेटवर्क 18 और एचएस18 का टेकओवर कर लिया था। 2018 में इसका विलय शॉप सीजे नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड में हो गया। यह भारत का सबसे बड़ा शॉपिंग नेटवर्क बन चुका है। मनीष कालरा को कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया गया।

होमशॉप 18 वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु खट्टर ने कहा, “इस साल की शुरुआत में कंपनी ठीक से चल कर मार्च में वेंडर्स का भुगतान नहीं किया गया। जब इस बारे में सीएफओ गुरविंदर सिंह और फाइनेंस में पूछा तो उन्होंने कहा कि सीईओ मनीष कालरा मुंबई में रिलायंस के साथ फंड रिलीज करने की बात की अप्रैल में मनीष कालरा और गुरविंदर सिंह ने बहाना बनाया कि अभी चुनाव हैं और एफडीआई के शामिल होने की बात कह कर 12 मई 2019 को वेंडर्स को भुगतान के लिए कहा लेकिन वेंडर्स को कोई पेमेंट नहीं किया गया।“ हिमांशु ने कहा, “समझौता के अनुसार 45 दिन में मिलना था लेकिन हमें पैसे नहीं दिए गए।“ दिल्ली से वेंडर हिमांशु चैनल के माध्यम से ब्यूटी प्रॉडक्ट्स की बिक्री करते है। उनका डेढ़ करोड़ रुपये बकाया है। पिछले तीन महीने से हालत बहुत ही खराब हो गई है। प्राइवेट साहूकारों के पैसे चुकाने के लिए उऩ्हें अपनी पत्नी के गहने तक बेचने पड़े। होमशॉप 18 वेंडर्स एसोसिएशन के सचिव गिरीश गुप्ता ने दावा किया, “होमशॉप 18 के अधिग्रहण के समय सुरिंदर लुनिया और सुनील बत्रा स्काईब्लू बिल्डवेल के निदेशक थे। हालांकि अब एमसीओए के आंकड़ों के अनुसार सुचिता हरेनभाई वैद्य और रिपल परागभाई पटेल कंपनी के निदेशक हैं। कंपनी बड़ी तेजी से टॉप पोस्ट पर बैठे अफसरों को बदल रही है, जिससे संकेत मिलता है कि वेंडर्स से धोखाधड़ी करने के लिए कंपनी के अफसरों ने जमकर घोटाला किया है। लुनिया रिलायंस जियो इंफोकॉम के निदेशक थे।

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