मुस्लिम महिला को जश्न मानना पड़ा महंगा मिला “तलाक़”

Sunil Misra New Delhi  : उत्तर प्रदेश में बांदा से सटे फतेहपुर जिले के बिंदकी क्षेत्र में तीन तलाक़ बिल संसद में पारित हो गया इसी खुशी का जश्न मना रही एक मुस्लिम महिला को उसके शौहर ने ‘तीन तलाक’ कह कर उसे घर से बाहर निकाल दिया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिंदकी थाना क्षेत्र के जिगनी गांव में रहने वाली मुफ़ीदा ख़ातून को उसके शौहर शम्सुद्दीन ने तीन तलाक विधेयक पास होने का जश्न मनाने पर दो अगस्त को ‘तीन तलाक’ कह कर घर से निकाल दिया. उन्होंने बताया कि शम्सुद्दीन ने मुफ़ीदा के घर पहुंच कर उसके मां-बाप के सामने तीन बार तलाक कहा. सूत्रों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर शम्सुद्दीन पर मुकदमा तीन अगस्त को दर्ज कर लिया गया है उसकी तलाश जारी है.
तीन तलाक़ विधेयक क़ानून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने मंजूरी दे दी है. यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा और इस मंजूरी के साथ की तीन तलाक कानून अस्तित्व में आ गया है.
मोदी सरकार ने इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करके तीन तलाक बिल (Triple Talaq bill) संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है.राज्यसभा में बिल के समर्थन में 99, जबकि विरोध में 84 वोट पड़े थे वोटिंग के दौरान बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने के पक्ष में 84, जबकि विरोध में 100 वोट पड़े थे. राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास होने के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया था.
बता दे 19 सितंबर 2018 के बाद तीन तलाक़ सम्बंधित जो भी मामले आएंगे उनका निपटारा इसी क़ानून के तहत ही किया जाएगा

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