दिल्ली का महाठग

4.6 सालों का काम सिर्फ 6 महीने में करेगा अरविन्द केजरीवाल

Aam Aadmi, New Delhi: आइये आपको सुनाता हूँ एक आम मुख्यमंत्री की कहानी ,जो आधी सैलरी और दो कमरे के मकान में रहने का दावा करता था भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने का दावा करता था लेकिन आपको आश्चर्य होगा की इस आम इंसान ने मुख्यमंत्री बनते ही अपनी और अपने विधायकों की सैलरी पांच गुना तक बढ़ा ली और सारे VVIP  सुविधाएं ले रहा है, खुद के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहा है और दिल्ली की जनता को शिक्षा पर काम करने के नाम पर धोखा दे रहा है ,खुद के और अपने विधायकों के सारे इलाज़ दुसरे राज्यों और विदेशों में करा रहा है और जनता को मुहल्ला क्लिनिक के नाम पर ठग रहा है | इतना बड़ा आम आदमी है की इसके परिवार स्विट्ज़रलैंड में छुट्टियां मनाते है |
विधान सभा चुनाव से पहले दिल्ली का मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्ली की जनता को मुर्ख बनाने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ना चाहता जो मुख्यमंत्री ४ साल ४ महीने सोता रहा हो कोई काम न किया हो अस्पताल में कोई सीनियर सिटीजन की लाइन न लगी हो, अस्पताल में डाक्टरों के मो. नंबर की प्लेट न लगी हो, मरीज़ सिक्योरिटी की डाट सुनता हो रेजिडेंट डाक्टर अनसुनी करता हो, ट्रांसपोर्ट मनमर्ज़ी की चलती हो बसे स्टैंड पर न रुकती हो, नॉएडा रुट पर केवल एक बस 347 कश्मीरी गेट से नॉएडा तक हो, जो 2013 में भी थी वही आज तक है 355 नम्बर एक दो बसे केवल सुबह सायं चलती हो जनता परेशान रहती हो, न्यू अशोक नगर में कोई मुहल्ला क्लिनिक नहीं है त्रिलोक पूरी में तीन तीन है वो चलती है की नहीं बाद में पता चलेगा , सडकों के किनारे PWD के नाले भरे पड़े है नालियों में पानी जमा रहता है , कोई विधायक नहीं देखता , 4 साल तक विधायकों पर घरेलु हिंसा में जेल हुई हो, फर्जी मार्कशीट के मामले हो, महिलाओं से छेड़छाड, सांसदों से मारपीट, आईएएस ब्यूरोक्रेट से मारपीट, जनता को परेशान किया जनता के किसी पेंशन, राशन कार्ड, जैसे सुविधाओं के लिए घूसखोरी के मामले अक्सर जनता के बीच छाए रहे , ऐसा है दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल |
आज केवल 6 महीने में 4.6 साल के कार्य पूरे करने का दावा कर रहा है जनता का पैसा फ्री में लुटा रहा है आखिर सोचो की जो हम फ्री में सफर करेंगे या फ्री में सुविधा उपयोग करेंगे उसका पैसा तो जनता की जेब से जाएगा न की अरविन्द केजरीवाल के जेब से I चाहे वो बिजली हो, चाहे पानी हो, चाहे मेट्रो हो, चाहे बस हो, ये काटना तो जनता से ही है |

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