जोगी सरकार का तोहफा कई पिछड़ी जातियों को SC का दर्जा

NETVANI प्रिया दीक्षित : बीजेपी सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल करने का आदेश जारी कर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है .

 

इस आदेश के जरिए बीजेपी सरकार अति पिछड़ों में मजबूत घुसपैठ के साथ इन जातियों का 14 फीसदी वोटबैंक साधने की कोशिश में भी हैं . इस आदेश को लोकसभा चुनाव के दौरान अलग हुई सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधानसभा चुनाव में संभावित नुकसान की भरपाई का प्रयास भी माना जा रहा है .

बीजेपी सरकार के इस फैसले को यूपी में एसपी और बीएसपी के तोड़ के रूप में देखा जा सकता है . लोकसभा चुनाव में बीजेपी इन दोनों दलों के गठबंधन को देख चुकी है . हालांकि, लोकसभा चुनाव में तो बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन विधानसभा चुनाव में यह गठबंधन फिर बना, तो पिछड़ों के एक बड़े वर्ग के वोट से उन्हें हाथ धोना पड़ सकता है . इन जातियों के असर के चलते ही एसपी और बीएसपी दोनों उन्हें पहले भी अनुसूचित जाति में शामिल करने की नाकाम कोशिश कर चुके हैं
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर-2016 में इस तरह की कोशिश अखिलेश यादव ने भी की थी .उन्होंने 17 अतिपिछड़ी जातियों को एससी में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी भी दिलवा दी . केंद्र को नोटिफिकेशन भेजकर अधिसूचना जारी की गई, लेकिन इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई . मामला केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में जाकर अटक गया था .

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