दिल्ली के स्कूल में भ्रष्टाचार का खुलासा

सिरसा पर निजी कंपनी से गुप्त करार का आरोप

खेल के नाम पर हुआ बड़ा खेल

Sunil Misra New Delhi :-  सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने निजी फायदे के लिए गुरु हरिक्रिशन पब्लिक स्कूल वसंत विहार में कमेटी को अंधेरे में रखकर 22000 वर्गफुट में क्लब खुलवा दिया है। जिसका बाजार रेट का किराया ही 20 करोड़ रुपए बनता है। लेकिन कमेटी के खाते में एक पाई भी जमा नहीं हुई है। क्योंकि क्लब चला रहीं “लाइफ स्टाइल स्विम एंड जिम” कंपनी के साथ हुए सिरसा के समझौते का किसी को भी भनक नहीं लगी है। यह सनसनीखेज दावा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने आज किया। इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में स्कूल में व्यावसायिक गतिविधियाँ चलाने तथा तीसरे पक्ष का हित पैदा करने के खिलाफ याचिका डालने वाले याचिकाकर्ता भी इस मौके पर मौजूद थे।

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जीके ने कहा कि सिरसा ने स्कूल के स्विमिंग पूल की मुरम्मत के बाद तैराकी प्रतियोगिता करवाने की बात की फिर बाद में अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसका उद्घाटन मई 2015 में किया। लेकिन कमेटी के वसंत विहार स्कूल में, पिछले 4 साल से एक निजी कंपनी स्विमिंग पूल के नाम पर क्लब जिसमें स्विमिंग,जिम,जुम्बा डांस,योगा सहित कई खेल मोटी फीस लेकर सिखाए जा रहें है,
साथ ही विटामिन स्पलीमेंट, स्पोटर्स शूज सहित कई सामानों की बिक्री के साथ ही चाय,काॅफी, ड्रिंकस व मूवी नाइट,पार्टी,डीजे आदि भी क्लब मैंबर को परोसा जा रहा है। सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक क्लब खुला रहता हैं। कमेटी ने इसके लिए बाकायदा निजी कंपनी के साथ लीज समझौता भी किया हुआ है। जिसको लेकर पिछले 4 साल से मैं अदालत के चक्कर काट रहीं हूँ, चलाने के हक़ के बारे में याचिकाकर्ता दलजीत कौर खालसा ने मुझ से पूछा तो जी के ने कहा किआप की बात सुनकर मुझे हैरानी हुई क्योंकि मेरे प्रधानगीकाल के दौरान कार्यकारिणी में स्कूल का कोई भी हिस्सा लीज पर देने का कोई प्रस्ताव नहीं आया था। न मीटिंग में कोई प्रस्ताव रखा गया था I न मैंने कोई लीगल केस की फाइल नहीं देखीं कोई वकील भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ।क्योंकि सिरसा सभी को बाईपास करके खुद निजी कंपनी के संरक्षक की भूमिका में बाहर से केस लड़वा रहें थे।

 

जीके ने खुलासा किया कि 1982 में एशियाई खेलों के समय स्कूल में स्विमिंग पूल का निर्माण करके उसमे बच्चो को तैराकी सिखाते थे। फिर 2015 में जब स्विमिंग पूल मुरम्मत के बाद कमेटी को अंधेरे में रखकर सिरसा ने निजी कंपनी को क्लब के रूप में चलाने का करार तैराकी कोच संदीप टोकस व व्यवसायी प्रवीण कुमार के साथ कर लिया। जिसकी जानकारी कमेटी के रिकार्ड में नहीं है। जीके ने दावा किया कि याचिकाकर्ता के अनुसार क्लब से सिरसा के निजी व व्यापारिक हित जुड़े होने से
क्लब करोड़ों रुपये सालाना का कारोबार करने के बावजूद स्कूल या कमेटी को एक रुपए नहीं दे रहा है।
क्लब के पास किसी भी सरकारी एजेंसी की कोई मंजूरी भी नहीं है। ऊपर से सिरसा ने दिल्ली शिक्षा निदेशालय के द्वारा याचिकाकर्ता की शिकायत पर बनाई गई 3 सदस्य कमेटी को 15 मई 2015 को झूठा ब्यान दिया है। कोर्ट में स्कूल प्रिंसिपल जगदीप सिंह धुम्मन की तरफ से 3 अगस्त 2016 को दाखिल जवाब भी भ्रामक,झूठा व तथ्यों से दूर है।
स्विमिंग पुल चलाने के लिए दिल्ली पुलिस के लाइसेंस विभाग से कोई मंजूरी नहीं ली गई है, न ही दक्षिणी दिल्ली नगर निगम व दिल्ली फाॅयर सर्विस से एनओसी ली गई है। डीडीए व दिल्ली जल बोर्ड को भी गुमराह किया जा रहा है इन अनुमति न लेने के पीछे सारा खेल गुप्त करार को छिपाने का है। वसंत विहार में बाजार भाव से व्यावसायिक रेट 22000 वर्गफुट जगह का किराया कम से कम 44 लाख प्रति महीना बनता है। गुगल सर्च करने पर गुरु हरिक्रिशन पब्लिक स्कूल फरीदाबाद एनआईटी दिखता है। जिससे शक पैदा होता है कि क्लब का बैंक खाता फर्जी तरीके से फरीदाबाद के किसी बैंक में खुलवाया गया है। क्योंकि फरीदाबाद में गुरु हरिक्रिशन पब्लिक स्कूल मौजूद नहीं होने की जानकारी है।
जीके ने कहा कि अवैध तरीके से चल रहें क्लब का करार सामने लाने के लिए वह पुलिस व कोर्ट में शिकायत भी देंगे। क्योंकि गुरु हरिगोबिंद साहिब इंस्टीट्यूट के 2 किराएनामों की तरह क्लब मामलें में भी बड़ा गोलमाल किया गया है। सरना बंधुओं की ओर से बाला साहिब अस्पताल को जिस प्रकार एक निजी कंपनी को दिया गया था, उसी को सिरसा ने दोहराया है। वहाँ कम से कम करार का कुछ पता तो था पर यहां करार ही लापता है।

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