आखिर “गौतम नवलखा” को क्यों बचा रहा है क़ानून

Sunil Misra New Delhi :- धर्मरक्षक दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने सर्वोच्च न्यायालय के मीडिया पार्क में पत्रकारों से बात करते हुए न्यायालय के न्यायाधीशों के ऊपर गंभीर आरोप लगाए I हिन्दू संत और दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ओम ने बताया की १३ सितम्बर को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने नौलखा की FIR की अपील खारिज कर दी थी उनका कहना था की गौतम नवलखा का कश्मीरी आतंकवादियों और देशद्रोहियों से सम्बन्ध दिखाई देते है और इस मामले में गहरी जांच की जरुरत है लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने गौतम नवलखा के इस FIR के याचिका को सुनवाई केलिए सूचीबद्ध कर दिया और उसके बाद इन सभी 5 जजों की बेंच ने खुद को गौतम नवलखा की सुनवाई से अलग कर लिया जिससे स्वामी ओम जी का कहना है की इस मामले को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है I उनका कहना है की इसकी जांच किसी सक्षम एजेंसी से कराई जानी चाहिए स्वामी ओम ने कहा की इस तरह से सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के जज गौतम नवलखा को बचाने का क्यों प्रयास कर रहे है I
दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने स्वामी ओम के वकताव्यों का समर्थन करते हुए कहा की आज देश के नव युवकों को सर्वोच्च न्यायालय में बैठे भ्रष्ट रजिस्ट्रार, जज, वकील,की ताकत को कुचलने की जरुरत है I जो गौतम नवलखा जैसे आतंकवादियों को गिरफ्तारी से बचा रहे है ी
मुकेश जैन ने महामहिम राष्ट्रपति से अनुरोध किया है की इस प्रकार सर्वोच्च न्यायालय को इन भ्रष्ट जजों से मुक्त करके साफ़ सुथरे मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्त करे I और उनकी राय से नहीं जो अनुच्छेद 124क, 124.2, और 124.3 का उल्लंघन करके श्री अरविन्द बोबडे जैसे न्यायाधीशों को अपना उत्तराधिकारी बताकर मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश करे I

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